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दिनांक : 14/11/2024 - 17 /11/2024
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर अध्ययन केंद्र, नई दिल्ली द्वारा लोकमाता के जीवन पर आधारित एक हस्त-निर्मित चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन दिनांक 14 नवम्बर 2024 को श्री केदारनाथ साहनी सभागार के प्रांगण में किया गया। इस प्रदर्शनी में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की अद्भुत जीवन यात्रा चित्रों के माध्यम से दर्शायी गयी। सभी चित्रों का निर्माण अध्ययन केंद्र की साथ जुड़े युवा चित्रकारों ने किया, जिन्होंने सुंदरता के साथ चित्रों के द्वारा से लोकमाता के अनुसरणीय जीवन को दर्शकों तक पहुँचाया। दर्शंकों ने लोकमाता से जुड़े महत्त्वपूर्ण प्रसंगों और किरदारों को चित्रों के माध्यम से अनुभव किया। तत्पश्चात दिनांक 16/11/2024-17/11/2024 को श्यामा प्रसाद मुख़र्जी कॉलेज फॉर वुमन में इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जहाँ युवा विद्यार्थियों ने चित्रों के द्वारा लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के प्रेरणादायक व्यक्तित्व और जीवन के बारे में जाना।












दिनांक : 17/11/2024
स्थान : लुधियाना, पंजाब
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी वर्ष वक्ता प्रशिक्षण कार्यशाला
दिनांक 17/11/2024 को लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी समारोह समिति, पंजाब प्रांत द्वारा प्रातः 11 बजे आयोजित अहिल्याबाई होलकर के जीवन और उनके द्वारा किये गए कार्यों पर एक वक्ता प्रशिक्षण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सामाजिक समरसता प्रमुख, पंजाब प्रान्त, श्रीमान प्रमोद जी का सानिध्य प्राप्त हुआ। केंद्र की ओर से डॉ सत्यम ने इस कार्यक्रम के माध्यम से सभा में उपस्थित प्रतिभागियों को लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन और उनके द्वारा किये गए धर्मार्थ कार्य और सामाजिक सद्भाव् के कार्यों से अवगत कराया, वहीं डॉ. प्रदीप ने अपने वक्तव्य से लोकमाता अहिल्याबाई के द्वारा किये गए कृषि सुधार और कृषक कल्याण के कार्यों से अवगत कराया था। वक्तव्य के पश्चात उपस्थित श्रोताओं ने प्रश्नों के माध्यम से विषय से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को सामने रखा जिसका समाधान सकुशल डॉ. सत्यम और डॉ. प्रदीप ने किया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के उच्चारण के साथ हुआ।
दिनांक : 14/11/2024
स्थान : केदारनाथ साहनी सभागार, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर , नई दिल्ली
पुस्तक लोकार्पण-लोकमाता अहिल्याबाई होलकर अध्ययन केंद्र, दिल्ली
पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशती समारोह समिति दिल्ली, द्वारा गुरुवार 14 नवंबर 2024 को लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशती समारोह का आयोजन किया गया जिसमें केंद्र की ओर से रचित और सुरुचि प्रकाशन, नयी दिल्ली द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों- लोकमाता अहिल्याबाई होलकर: एक विस्मृत युगदृष्टा रानी और लोकमाता अहिल्याबाई होलकर-एक गौरवशाली यात्रा का लोकार्पण संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह माननीय कृष्ण गोपाल जी, मुख्य अतिथि रहे जिनके कर-कमलों से इन पुस्तकों का लोकार्पण हुआ। इनके अलावा पूर्व आईपीएस अधिकारी श्रीमती विमला मेहरा जी, समारोह समिति के कार्य अध्यक्ष श्री उदय राजे होलकर जी, पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशती समारोह समिति दिल्ली के संरक्षक दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह और लेखक मधुसूदन होलकर जी की उपस्थिति रही। इस भव्य कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं को डॉ. सत्यम द्वारा केंद्र की विभिन्न गतिविधियों और आगामी कार्यों के बारे में अवगत कराया गया। इस सुअवसर पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर अध्ययन केंद्र द्वारा तैयार कराई गई चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे देश के अलग अलग प्रांतों के युवा चित्रकारों द्वारा तैयार किया गया था। प्रदर्शनी में लोकमाता अहिल्याबाई की जीवन यात्रा को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया। पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशती समारोह समिति दिल्ली के सचिव डॉ. अशोक त्यागी जी ने अतिथियों का स्वागत किया। पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशती समारोह समिति दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. उपासना अरोड़ा जी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और समारोह में दिल्ली के माननीय सदस्यों की उपस्थिति रही।




दिनांक : 13/10/2024
स्थान : सेमिनार कक्ष , श्री राम कुटीर, C-1, Janakpuri
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी वर्ष वक्ता प्रशिक्षण बैठक
दिनांक 13/10/2024 को द्वारका जिला में आयोजित सामाजिक समरसता आयाम द्वारा लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन और उनके द्वारा किये गए कार्यों पर एक वक्ता प्रशिक्षण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में सामाजिक समरसता प्रमुख, दिल्ली प्रान्त, श्रीमान जगत जी का सानिध्य प्राप्त हुआ। केंद्र की ओर से डॉ सत्यम ने इस कार्यक्रम के माध्यम से सभा में उपस्थित प्रतिभागियों को लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन और उनके द्वारा किये गए धर्मार्थ कार्य और सामाजिक सद्भाव् के कार्यों से अवगत कराया। वक्तव्य के पश्चात उपस्थित श्रोताओं ने प्रश्नों के माध्यम से विषय से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को सामने रखा जिसका समाधान सकुशल डॉ. सत्यम ने किया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के उच्चारण के साथ हुआ।
दिनांक : 29/09/2024
स्थान : सेमिनार कक्ष , दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज
संगोष्ठी- अहिल्याबाई होलकर का जीवन और सामाजिक सद्भाव के कार्य
दिनांक 29/09/2024 को द्वारका जिला, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रातः 11 बजे आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन और उनके द्वारा किये गए धर्मार्थ कार्यों पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में केंद्र की ओर से डॉ सत्यम ने सभा में उपस्थित श्रोतागणों को लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन और उनके द्वारा किये गए जन कल्याण और सामाजिक सद्भाव् के कार्यों से अवगत कराया। वक्तव्य के पश्चात उपस्थित श्रोताओं ने प्रश्नों के माध्यम से विषय से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को सामने रखा जिसका समाधान सकुशल डॉ. सत्यम ने किया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के उच्चारण के साथ हुआ।



दिनांक : 31/08/2024
स्थान : सेमिनार कक्ष , श्री राम कुटीर, C-1, Janakpuri
संगोष्ठी- अहिल्याबाई होलकर का जीवन: धर्मार्थ कार्य और धार्मिक सहिष्णुता
दिनांक 31/08/2024 को प्राध्यापक/प्राध्यापिका कार्य समूह द्वारा शाम 4 बजे एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका विषय लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन और उनके द्वारा किये गए धर्मार्थ कार्यों पर आधारित था। सभा में डॉ. सतीश, प्राध्यापक कार्य प्रमुख, पश्चिमी विभाग और डॉ. पल्ली श्री, प्राध्यापिका कार्य प्रमुख, पश्चिमी विभाग उपस्थित थे। कार्यक्रम में केंद्र की ओर से डॉ सत्यम ने सभा में उपस्थित श्रोतागणों को लोकमाता अहिल्याबाई के जीवन और उनके द्वारा किये गए जन कल्याण और धर्मार्थ किये गए कार्यों से अवगत कराया। वक्तव्य के पश्चात उपस्थित श्रोताओं ने प्रश्नों के माध्यम से विषय से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को सामने रखा जिसका समाधान सकुशल डॉ. सत्यम ने किया। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के उच्चारण के साथ हुआ।
दिनांक : 02/06/2024
स्थान : दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज, सभागार
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर अध्ययन केंद्र, नई दिल्ली का उद्घाटन कार्यक्रम
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर अध्ययन केंद्र ने 2 जून, 2024 को दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज में अपना उद्घाटन कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस आयोजन के मुख्य अतिथि प्रो. बलराम पाणि, डीन ऑफ कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय और प्रो. हेम चंद जैन, कार्यवाहक प्राचार्य, दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज थे। अध्ययन केंद्र के सभी सदस्यों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में प्रो. बलराम पाणि और प्रो. हेम चंद जैन ने नई परियोजनाओं की शुरुआत पर केंद्र को बधाई दी। केंद्र के संचालक श्री विवेक कुमार जी ने इस आयोजन में शामिल सभी सदस्यों की कड़ी मेहनत की प्रशंसा की और अनुसंधान की विभिन्न गतिविधियों को समझाया, जिसमें यह बताया गया कि यह कैसे स्थापित किया गया था। सभा को अवगत कराया गया कि केंद्र ने साप्ताहिक बैठक आयोजित की जहां सभी सदस्यों के बीच शोध कार्य साझा किया गया और प्रत्येक सदस्य ने कार्यों में लगन से योगदान दिया। इसके बाद, डॉ. सत्यम और डॉ. अनुराधा ने एक पावरपॉइंट प्रस्तुति प्रस्तुत की जिसमें अहिल्या बाई की जीवन यात्रा और उनके कई धार्मिक योगदानों को शामिल किया गया।
यह कार्यक्रम इंदौर की प्रसिद्ध रानी लोकमाता अहिल्याबाई की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। संगोष्ठी में उनके योगदान और प्रेरणादायक जीवन कहानी पर चर्चा हुई। इस आयोजन की सफलता के लिए केंद्र सभी का आभार प्रकट करता है और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करने का प्रयास करता रहेगा।




दिनांक : 07 January 2026
स्थान : Aditi Mahavidyalaya
Lokmata Study Foundation, in collaboration with Aditi Mahavidyalaya
Lokmata Study Foundation, in collaboration with Aditi Mahavidyalaya, organised a special lecture on structured goal-setting, personal planning, and building practical success frameworks for academic and professional growth.
The session was delivered by Lt. Col. Bhavishya Lakhera, distinguished alumnus of the University of Delhi, whose insights on discipline, clarity, and long-term planning deeply resonated with the audience.
The event was graciously presided over by Acting Principal Dr. Neelam Rathi, and witnessed the enthusiastic participation of over 250 students, along with faculty members and non-teaching staff.
The session marked a meaningful step towards empowering students with tools for purpose-driven success.
दिनांक : 14/01/2026
स्थान : World Book Fair,New Delhi
Malwa Ki Maharani: Lokmata Ahilyabai Ki
A moment of pride and purpose
Lokmata Study Foundation launched its latest publications on the life and legacy of Lokmata Ahilyabai Holkar
“Lokmata Ahilyabai Holkar: Forgotten Visionary Queen of Bharat” and the children’s comic “Malwa Ki Maharani: Lokmata Ahilyabai Ki” at the World Book Fair, New Delhi.
Through research, storytelling, and accessible formats for young readers, we hope to keep alive the values of leadership, justice, and service that Lokmata Ahilyabai Holkar stood for.
Grateful to everyone who joined us and made this launch meaningful.


दिनांक : 14 January 2026
स्थान : World Book Fair,New Delhi
Lokmata Study Foundation Publication
We also had a brief and enriching discussion on the book and on the history and legacy of Bharat’s visionary women leaders, and the importance of documenting and sharing these narratives with wider audiences.
As a gesture of appreciation, Prof. Marathe graciously gifted a natak based on the life of Lokmata Ahilyabai Holkar to the authors, recognising their research and creative efforts.
We are grateful for the encouraging interaction and for the opportunity to share our work dedicated to research, cultural memory, and young readers. Such moments strengthen our commitment to making history accessible, relevant, and inspiring for future generations.